नितिन गडकरी बीफ एक्सपोर्ट विवाद क्या है ? तथ्यों के साथ समझे !

नितिन गडकरी बीफ एक्सपोर्ट विवाद क्या है ? तथ्यों के साथ समझे !

 



नितिन गडकरी बीफ एक्सपोर्ट विवाद क्या है ? तथ्यों के साथ समझे !

गडकरी परिवार, रेम्बल एग्रो और मिथ्र इंटरनेशनल: चार्ट के अनुसार संबंध और विवाद !

हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में नितिन गडकरी के परिवार से जुड़ी कंपनियों और बीफ (भैंस मांस) निर्यात कारोबार को लेकर चर्चा तेज हुई है ! विपक्ष ने इसे अपना हथियार बनाकर नितिन गडकरी के साथ ही भाजपा को निशाना बनाना शुरू किया है ! निर्भिड ने अपने तरीकेसे इस मुद्दे को समझा और वाचकों को निष्पक्षता से समझाने हेतु यह लेखप्रपंच किया है ! सबसे पहले फ्लो चार्ट को देखिये और समझने की कोशिश कीजिये ! 

क्या भारत गोमांस निर्यात करता है ? तो आपको यह स्पष्ट रूपसे स्पष्ट करते हुवे हम कहते है की नहीं भारत गोमांस निर्यात नही करता ! लेकिन FY 2024-25 में भारत ने लगभग 12,54,775 टन (1.25 मिलियन टन) भैंस का मांस निर्यात किया ! इसकी कुल कीमत लगभग $4.06 बिलियन थी।

लेकिन निर्भिड यह पूछना चाहता है की अगर यही सारे सबंध किसी गैर भाजपा मंत्री के होते तो भाजपा और तथाकथित गोरक्षक संघटनाये  इस मुद्दे को राजनितिक फायदे के लिए नहीं उछालता ?

नितिन गडकरी बीफ विवाद

प्रमुख कंपनियां

  • Rembal Agro
  • CIAN Agro (Parent Company)
  • SEC-One Sales & Marketing (Subsidiary)
  • Mithr International LLC
  • Samruddhi Co-Op Bank

🚨 बड़ा खुलासा: आर्थिक रिश्तों का मायाजाल ! 🚨


क्या है 'रेम्बल एग्रो' (Rembal Agro) और नितिन गडकरी के परिवार की कंपनियों का असली संबंध?

कैसे भैंस मांस निर्यात करने वाली कंपनी को मिल रही है गडकरी से जुड़ी संस्थाओं से मदद? 


रेम्बल एग्रो का सच:


रेम्बल एग्रो मुख्य रूप से फ्रोजन भैंस मांस (HSN 02023000) वियतनाम और दुबई जैसे देशों में भेजती है ! 📦

हैरानी की बात यह है कि इस कंपनी के मालिक गडकरी के बेटे की कंपनी में भी साझीदार हैं !

पैसा कहाँ से आ रहा है? 💰


रेम्बल एग्रो को आर्थिक ऑक्सीजन गडकरी परिवार से जुड़ी संस्थाओं से मिल रही है:


✅ समृद्धि को-ऑप बैंक: ₹46 लाख का कर्ज (अध्यक्षा: कांचन गडकरी)।

✅ सेक-वन सेल्स: ₹29 लाख का कर्ज (निखिल गडकरी की CIAN एग्रो की पेरेंट कंपनी)।


भैंस मांस
एक्सपोर्टर को गडकरी की बैंक से लोन क्यों ?

व्यावसायिक साझीदारी 💼


रेम्बल एग्रो के निदेशक (M. Pillai और R. Plakkota) केवल कर्जदार नहीं हैं, बल्कि वे निखिल गडकरी की कंपनी CIAN एग्रो में शेयरधारक (Shareholders) भी हैं।

यानी, जो भैंस मांस बेच रहे हैं, वही गडकरी परिवार के बिजनेस पार्टनर भी हैं !


कमाई में भारी उछाल 📈


जहां एक तरफ रेम्बल एग्रो मीट एक्सपोर्ट कर रही है, वहीं CIAN एग्रो का राजस्व ₹182 करोड़ से बढ़कर ₹1,029 करोड़ (2024-25) हो गया! 🚀

विपक्ष का आरोप है कि इथेनॉल नीति का सीधा फायदा इन खास कंपनियों को पहुंचाया गया !


शेयरहोल्डिंग व प्रबंधन संरचना


चार्ट के अनुसार:


Maheshkumar Pillai

  • Rembal Agro में 51% शेयरधारक व MD
  • CIAN Agro में लगभग 31.67% हिस्सेदारी
  • Mithr International LLC में प्रबंधन भूमिका

Raman Nair Plakkota

  • Rembal Agro में 19% शेयर
  • CIAN Agro में 2.42% हिस्सा

Jayashree Meluveettil

  • 3.33% हिस्सेदारी

Kanchan Gadkari

  • Samruddhi Co-Op Bank की चेयरमैन

Nikhil Gadkari

  • CIAN Agro के Managing Director

Dhannya Nambiar

  • Mithr International LLC की Managing Director
  • SEC-One Sales में Promoter Director

 विवाद का मुख्य आधार


विवाद मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर आधारित है:

  • CIAN Agro और संबंधित कंपनियों का भैंस मांस निर्यात कारोबार से जुड़ा होना !
  • गडकरी परिवार के सदस्यों की बैंकिंग या प्रबंधन स्तर पर भूमिका।

हालांकि:

  • भारत में भैंस मांस निर्यात कानूनी है !
  • चार्ट में सीधे तौर पर नितिन गडकरी की व्यक्तिगत हिस्सेदारी नहीं दिखाई गई है!
  • विवाद मुख्यतः पारिवारिक संबंध और व्यावसायिक नेटवर्क को लेकर उठाया जा रहा है !

विवाद का राजनीतिक आयाम


मामला इसलिए संवेदनशील हो जाता है क्योंकि:

  • भैंस मांस निर्यात एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय है !
  • संबंधित परिवार का राजनीतिक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर है !
  • विरोधी दल इस नेटवर्क को “नैतिक विरोधाभास” के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं !

हालांकि भारत में भैंस मांस निर्यात कानूनी है और कई भारतीय कंपनियां इस व्यापार में शामिल हैं !


क्या सीधे तौर पर नितिन गडकरी जुड़े हैं ?


चार्ट में:

  • नितिन गडकरी की प्रत्यक्ष शेयरहोल्डिंग नहीं दर्शाई गई !
  • संबंध पारिवारिक और प्रबंधन स्तर के बताए गए हैं !
  • इसलिए विवाद “सीधे स्वामित्व” की बजाय “नेटवर्क और संबंधों” पर आधारित है !
  • नरेंद्र मोदी और भाजप के गोरक्षा मुद्दे को कमजोर बनाने हेतु इस मुद्दे को ज्यादा खीचा जायेगा इस में कोई शक नही
  • निर्भिड यह पूछना चाहता है की अगर यही सारे सबंध किसी गैर भाजपा मंत्री के होते तो भाजपा इस मुद्दे को राजनितिक फायदे के लिए नहीं उछालता ?

भारत का कुल भैंस मांस निर्यात (2024-25)

सरकारी संस्था APEDA के अनुसार:

FY 2024-25 में भारत ने लगभग 12,54,775 टन (1.25 मिलियन टन) भैंस का मांस निर्यात किया !
इसकी कुल कीमत लगभग $4.06 बिलियन थी।

विवाद मुख्यतः नैतिकता, पारदर्शिता और राजनीतिक संवेदनशीलता के इर्द-गिर्द घूम रहा है !


Ganesh Avasthi

Ganesh K Avasthi
Blog Admin



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